Zindagi - poem


जिंदगी

Zindagi poem Hindi


जिंदगी हसीन है 
थोरी सी black and white
तो थोरी रंगीन है 
थोरी सी normal
तो शौकीन है 
थोरी सी आलसी तो
थोरी श्रमशील है
सच बताऊं तो यह जिंदगी बेहतरीन है 

काफी कुछ बोलना चाहती है 
पर शब्दहीन है
हां पर इससे मोहब्बत असीम है
खाने के बाद Desert जैसी ice-Cream है
थोरी सी नवीन तो 
थोरी प्राचीन है 
जो साल में एक बार आए 
ऐसी जन्मदिन है 
सच बताओ तो ये 
जिंदगी आफरीन है 

इतनी सारी खुशियां और गम का जो हिसाब ना रख पाए
ऐसी मुनीम है
थोड़ी सी खुश तो 
थोड़ी उदासीन है 
जो हमेशा किराए के लिए पूछे ऐसी मालकिन है 
सच बताऊ तो यह जिंदगी बेहतरीन है

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